किरण बेदी ने मनोनीत विधायकों के शपथ ग्रहण को जायज ठहराया, कांग्रेस ने कहा असंवैधानिक

पुदुचेरी/नई दिल्ली:केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में उपराज्यपाल और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच गुरुवार को आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। कांग्रेस ने उपराज्यपाल किरण बेदी की ओर से तीन भाजपा विधायकों को शपथ दिलाए जाने को असंवैधानिक बताया तो बेदी ने इसे जायज बताया। इसी घटनाक्रम में एआईएडीएमके अम्मा पार्टी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को नई दिल्ली जाकर गृह मंत्री से बात करनी चाहिए।
 
कांग्रेस सरकार की कार्यवाही में अडंगा-आजाद
राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने नई दिल्ली में कहा कि किरण बेदी पहले दिन से ही जनता द्वारा चुनी गई मुख्यमंत्री वी.नारायणसामी की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार की कार्यवाही में अडंगा लगा रही हैं। मुख्यमंत्री से परामर्श किए बगैर ही पुदुचेरी भाजपा अध्यक्ष वी.सामीनाथन, कोषाध्यक्ष के. जी. शंकर और शिक्षाविद एस. सेल्वगणपति जो भाजपा से ताल्लुक रखते हैं को विधायक मनोनीत कर दिया गया। संसद में भी राष्ट्रपति केंद्र सरकार की अनुशंसा पर ही सदस्यों को मनोनीत किया जाता है।
 
कानून के तहत ही शपथ दिलाई-बेदी
 
बेदी ने उनके द्वारा शपथ दिलाए जाने को सही ठहराते हुए ट्वीट किया। बेदी ने कहा कि उन्होंने संघ राज्य क्षेत्र अधिनियम 1963 के प्रावधान के तहत ही शपथ दिलाई है। उक्त कानून के तहत भारत सरकार द्वारा मनोनीत 3 विधायकों को बतौर उपराज्यपाल उन्होंने शपथ दिलाई। बेदी ने बताया कि इस कानून के तहत तीनों सदस्य उपराज्यपाल अथवा उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति के समक्ष उपस्थित होकर भी शपथ ग्रहण कर सकते हैं तो ऐसे में कहां लोकतंत्र की हत्या का सवाल उठता है? आप कानून देखिए। केंद्र सरकार को मनोनयन का और उपराज्यपाल को शपथ दिलाने का अधिकार है।
 
कानून के तहत चल रहा काम
पत्रकारों से वार्ता में किरण बेदी ने कहा वे कानून की एजेंट हैं और उसी के अनुरूप कार्य कर रही हैं। केबिनेट सदस्य उनसे मिले और पूछने लगे कि वे क्यों जनता से मिलती हैं? उनकी समस्याओं का निदान क्यों कर रही हैं? उनका कहना है कि उपराज्यपाल को एक रबर स्टाम्प की तरह होना चाहिए।

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