एक साल बीत गया पप्पू खान पे हमला हुए। खुलेआम घूम रहा है अपराधी पीढ़ीत परिवार को अब भी कानून पर भरोसा क्लिक करें और जाने।

धनबाद : एक ऐसा परिवार जो अभी तक गम में डूबा हुआ है। में बात कर रहा हूँ पप्पू खान( उर्फ) पप्पू पाचक का 26 जून 2017 को ईद के एक दिन पहले यानी चाँद रात के दिन ईद के खुशियां मनाने के लिए अपने बच्चे के साथ खुशी खुशी घर से निकलता है। उसे क्या पता उसके खुशियों को ग्रहण लग जायेगा। उस परिवार के लिए वो रात काली रात बन गई। अपराधियों उन पर गोलियों की बरसात कर दी इतनी गोलियां चलाई वो बुरी तरह जख्मी हो गया। उस इन्शान के साथ उसका छोटा बच्चा भी साथ मे था उस वक़्त दरिंदो ने ये भी नही देखा उसके साथ उसका परिवार भी है ।गोलियां चलाता गया जब तक उन अपरिधियो को यकीन नही हुआ वो मर गया है। तब तक चलाता गया। लेकिन किस्मत में उसकी मौत नही थी वो जख्मी हो गया।
एक साल से वो परिवार अपने भाई के इंशाफ के लिए जिला प्रशासन पर उम्मीद कर रहा है। लेकिन अभी तक उस पीढ़ीत परिवार को इंशाफ नही मिला। जिला प्रशासन में उसके परिवार को पूरा भरोसा है। जो अभी तक कायम है।जो पूरा भरोसा है जिला प्रशासन पर उसके परिवार को एक दिन इंशाफ मिलेगा।
एक साल देखते देखते बीत गया पप्पू खान एक मरीज बन कर घर मे बैठ गया। इसका गुनाह गार अब भी आराम से घूम रहा है। उस पीढ़ीत परिवार को पूरा यकीन है कानून उसे सजा देगी।
पप्पू खान की पत्नी शमा परवीन ने बैंक मोड़ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था । शेर खान चीकू खान पर न्यायालय ने आरोप तय किया। अब देखना होगा जिला प्रशासन उस परिवार को कब न्याय दिलाता है।
एक साल से आस में है पीढ़ीत परिवार की उसके भाई पे हमला करने वाला जेल के सलाखों के पीछे हो। लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नही। पीढ़ीत परिवार को कानून पर पहले भी पूरा भरोसा था अब भी पूरा है।
जिला प्रशासन ने कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य किये है, जिससे गैंग्स ऑफ वासेपुर के कई अपराधी पे लगाम लगा है। जैसे गैंग्स के प्रमुख सदस्य, गोपी खान, अजहर खान, सद्दाम खान को पुलिस ने हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजने कामयाबी हाशिल की है। और बड़ी हनहोनी होने से रोका है ओर तो ओर बैंक मोड़ पुलिस ने अपनी कामयाबी का प्रमाण उस समय दिया जब गैंग्स के कुख्यात शूटर शेरू खान जो वासेपुर में रहकर गैंग्स के साथ फहीम के साले टुन्ना खान के हत्या कर वासेपुर में ही रह कर पुलिस के पकड़ से बाहर था। ओर कई अपराधी घटना को अंजाम दे रहा था।ऐसे कुख्यात अपराधी को पकड़ बैंक मोड़ पुलिस ने अपने काबलियत का परिचय दिया ।
लेकिन उसी बैंक मोड़ थाना छेत्र में घटित पप्पू गोली कांड में अब तक ख़ुलासा नही होना ओर घटना की सही जानकारी ओर घटना में शामिल एवम शूटर और हथियार नही पकड़ाना या सीधा सीधा पुलिस के कार्य शैली पे सवाल उठाता है। ओर पीढ़ीत परिवार के साथ ना इंशाफी का परिचय देता है। जब की गौर किया जाए बिगत पिछले सालों से लेकर अब तक जितने भी आपराधिक घटने धनबाद में हुए है। उन सभी घटना का उदभेदन धनबाद एसएसपी के नेतृत्व में हुआ है। यहाँ तक के बहु चर्चित
नीरज सिंह समेत चार लोंगो की हत्या कांड का भी पुलिस ने बखूबी निडर ओर निस्पष्ट हो कर करवाई करते हुए कांड का उदभेदन किया ।ओर झरिया के विधायक के जमानत से वंचित है।
लेकिन बात आती है गैंग्स ऑफ वासेपुर तो कई ऐसे हत्या वासेपुर में हुई है जिसमे पुलिस ने आज तक कोई ऐसा कदम नही उठाया जिससे कांड का उदभेदन हो सके या हत्यार बरामद हो सके।
उदाहरण DRM ऑफिस में इरफान हत्या कांड , सूर्य बिहार कालोनी में धीरेन्द्र हत्या कांड वासेपुर में मनोज विश्कर्मा दब्बू सिंह दोहरे हत्याकांड नया बाजार में सोनू हत्यकांड ,वासेपुर में टुन्ना हत्यकांड में पुलिस ने कोई खास उपलब्धि नही कर पाई। ना ही घटना पे प्रयुक्त हथियार बरामद ना कर पाई जिस कारण ये सभी घटना का अभियुक्त कोर्ट से बा इज्जत बरी हो कर निकल गए।

पप्पू गोली कांड में परिवार के सदस्य ने सहयोग करते हुए। अब तक जिला प्रशासन से या उम्मीद लगा बैठा है की घटना का सही उदभेदन हो। ओर कांड में शामिल सही मुजरिम पे आरोप पत्र दाखिल हो।

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